durga puja ashtami 2020 date
Navami (ninth day) and Ashtami are regarded as two auspicious days for celebrating the essence of womanhood. Durga Ashtami, as the name suggests, is dedicated to Goddess Durga. The image of Goddess Durga riding a lion and killing the dreaded demon Mahishasura with her ten arms fanning out has become synonymous with Shakti (Power). This year, it will be celebrated on 24 October. Durga Puja 2020 Date, Puja Timings in India: The highly anticipated Durga Puja 2020 is all set to begin on Thursday, 22 October (Shashthi), and ends on Monday, 26 October 2020 (Dashami) in India. इसी के साथ कन्याओं को लाल चुन्री और चूड़ियां भी चढ़ाएं. For the Bengali community who celebrate Durga Puja with great flair, Maha Ashtami sees the worship of the Chamunda incarnation of Goddess Shakti. Durga Ashtami 2020 Date in India: नवरात्र में नौ दिनों तक माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-आराधना की जाती है। इस साल अष्टमी 24 अक्तूबर, शनिवार को मनाई जाएगी। इस दौरान मां दुर्गा के भक्‍त माता का आशीष प्राप्‍त करने के लिए नौ दिनों तक व्रत रखते हैं। भक्‍तों के स्‍नेह को देखकर माता रानी प्रसन्‍न होकर भक्‍तों को आशीष देती हैं। कहते हैं कि नवरात्र में देवी की उपासना करने से भक्‍तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।, शारदीय नवरात्र की अष्‍टमी-नवमी तिथि को ही व्रत का परायण हो जाता है। इस बार अष्‍टमी मां महागौरी की पूजा 24 अक्‍टूबर, शनिवार को होगी। इसके बाद सबसे महत्‍वपूर्ण है कलश विसर्जन। पूजन से मां भगवती प्रसन्‍न होकर आशीष देतीं हैं और इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।, लोक कथाएं दुर्गा मां को उबले हुए चने, हलवा, पूरी, खीर, पूआ व फल का भोग लगाया जाता है. Durga Ashtami is one of the most widely observed and celebrated days in the Hindu culture.. Durgashtami is celebrated every month on the Ashtami tithi (eighth day) of Shukla Paksha.This is why this day is often termed as Maas Durgashtami or Masik Durgashtami. Here is everything you need to know about Maha Ashtami 2020: Durga Maha Ashtami is being considered to fall on 24 October in 2020. अष्टमी के दिन मां दुर्गा के भक्त कन्या पूजन करते हैं... अष्टमी के दिन महागौरी माता की उपासना की है मान्यता, Copyright © 2020 The Indian Express [P] Ltd. All Rights Reserved, Durga Ashtami 2020 Date, Puja Vidhi, Timings: दुर्गाष्टमी के बाद महानवमी की तैयारी, जानें इस दिन की क्या है अहमियत, Bihar Election Live : चिराग पासवान ने फिर मांगे BJP प्रत्याशियों के लिए वोट, कहा- आने वाली सरकार नीतीश मुक्त होगी, कोरोना वैक्सीन के लिए मोबाइल पर आएगा SMS, स्कूलों में लगेंगे टीके; जानें सरकार के ब्लूप्रिंट में क्या-क्या है शामिल, यूपीः छेड़छाड़ का किया विरोध तो 15 साल की लड़की को छत से फेंका, परिजनों ने कहा- पहले घसीटा और पिटाई भी की, शस्त्र पूजा पर मोहन भागवत का चीन पर निशाना, कहा- ताकत दिखा भारत को झुका सके, यह हो नहीं सकता, संविधान से धोखाधड़ी है कोलेजियम सिस्टम...क्लब और गुट की तरह चलता है, बोले दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस, Navratri 2020 6th Day Maa Katyayni Puja Vidhi: नवरात्र के छठे दिन देवी कात्यायनी की पूजा का है विधान, जानिये इस दिन की आरती, Durga Ashtami 2020 Date: जानिये कब है दुर्गा अष्टमी, क्यों माना जाता है इस दिन को इतना खास, Horoscope Today, 22 October 2020: धनु वाले बाधाओं का धैर्यपूर्वक करें सामना, सेहत के प्रति इन जातकों को रहना होगा सतर्क, This website follows the DNPA's code of conduct. सप्तमी, अष्टमी और महा नवमी के दिन कन्या पूजन करने का विशेष महत्व है. Updated Date: Usually the tithi or the day of the puja according to the Hindu calendar coincides with the Greogarian or English calendar dates. Firstpost - All Rights Reserved. यही प्रसाद कन्याओं को भी भोजन स्वरूप खिलाया जाता है, अष्टमी और नवमी पर कन्याओं को घर बुलाकर उन्हें भोजन कराया जाता है। हालांकि, कन्या पूजन के साथ ही ध्यान रखें कि कन्याओं को भोजन कराते समय उनके साथ एक बालक को जरूर बैठाएं और भोजन कराएं। बालक को बटुक भैरव का प्रतीक माना जाता है। देवी मां के साथ भैरव की पूजा जाने की बेहद अहम मानी जाती है। कन्या भोज के बाद मिष्ठान का भी वितरण करना चाहिए।, कन्याओं को भोजन कराने के बाद उन्हें दक्षिणा भी दी जाती है. On the other hand, Ashtami … Find latest and upcoming tech gadgets online on Tech2 Gadgets. However the tithi for Ashtami has begun from 6.57 am on 23 October and the tithi will last till 6.58 am on Saturday, reported Times of India. Copyright © 2020. Kanya Pujan 2020 Date & Shubh Muhurat. Durga Ashtami - Significance And Celebrations. Devotees observe a day-long fast on this day to seek blessings of Goddess Durga. Sandhi Puja is the most important time during Durga Puja. According to Drik Panchang, Durga Puja on Maha Ashtami begins with Mahasnan and Shodashopachar Puja. All rights reserved. Get Kundali report by renowned Astrologers in just $ 9/-, Offer flowers, incense and sandalwood to the idol of Maa Durga in the wee hours of, Another important aspect of this day is offering. October 23, 2020 13:27:01 IST. कन्या पूजन के लिए सबसे पहले कन्याओं का पैर धुलें. Here is everything you need to know about Maha Ashtami 2020: Date and timing. उनके हाथों में मौली बांधे और माथे पर रोली का टीका लगाएं. For the Bengali community who celebrate Durga Puja with great flair, Maha Ashtami sees … Muhurat: 6:34 AM to 7:22 AM on October 24. Popular gadgets including laptop, tablet and mobile specifications, features, prices, comparison. By Newsd Published on : Fri 23rd October 2020, 09:43 AM. Tilak is applied on the forehead of the young girls and they are sent off with gifts. Durga Ashtami is observed throughout India, but followers of Maa Durga in eastern states of India, particularly West Bengal, take the cake in terms of pomp and scale of celebrations. Durga Puja festivities have begun in the country and people have been engaging in merriment in a safe manner in view of the coronavirus pandemic. During Kanya Pujan, young girls are worshipped and are offered delicacies like Chana (chickpeas), Halwa and Puri. Durga Maha Ashtami is being considered to fall on 24 October in 2020. Maintaining that no visitors will not be allowed inside pandals, the court also said that dhakis (traditional drummers) will be allowed in a 'limited number', just outside the no-entry zone, The organisers have asked the court to issue directions on how to conduct pushpanjali rituals as well as define small and big marquees as stated in its order, The pandals have also been told to set up barricades outside the pandals. Maha Ashtami or the eighth day is one of the most important days during the Navratri and there is some doubt over the exact timing of the Durga Maha Ashtami this year. It is believed that one who performs Durga Ashtami Vrat with devotion is bestowed with good fortune, success, and happiness. कई जगह कन्याओं को भोजन कराने वाले लोग आशीर्वाद स्वरूप उनकी थपकी लेते हैं, सुन मेरी देवी पर्वत वासिनी कोई तेरा पार न पाया।ब्रह्मा जी पड़े तेरे द्वारे शंकर ध्यान लगाया।।सुन मेरी देवी पर्वत वासिनी कोई तेरा पार न पाया।ध्यानू भगत मैया तेरा नाम गाया, मनवांछित फल पाया।।, दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा की पूजा करने के बाद अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगनी चाहिए। ऐसा करने से पूजा को संपन्न माना जाता है।, ऐसी मान्यता है कि अष्टमी के दिन मां दुर्गा को श्रृंगार का सामान चढ़ाना चाहिए। कहते हैं कि देवी दुर्गा सुहागन हैं। इसलिए उन्हें अगर कोई व्यक्ति सुहाग का सामान अर्पित करता है तो वह बहुत प्रसन्न होती हैं और उसे आशीर्वाद देती हैं।, ज्यादातर क्षेत्रों में अष्टमी-नवमी एक ही दिन मनाई जा रही है। क्योंकि 25 अक्तूबर, शनिवार को 7 बजकर 41 मिनट के बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी।, जय शक्ति जय जय महाकाली..जय शक्ति जय जय महाकाली..आदि गणेश मनाऊ दाती, चरण सीस निवाऊ दाती तेरे ही गुण गाऊ दाती, तू है कष्ट मिटावन वाली, या देवी सर्वभू‍तेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥, अष्टमी के दिन कन्या पूजन करना विशेष माना जाता है। माता के नौ रूपों को नौ कन्याओं में देखने वाले भक्त मन के व्यक्ति के ऊपर माता भवानी बहुत जल्द कृपा करती हैं। मान्यता है कि अष्टमी के दिन कन्या पूजन करने से घर में नवनिधि आती है।, मां दुर्गा के भक्तों को दुर्गाष्टमी के दिन उनकी उपासना करनी चाहिए। कहते हैं कि यह दिन ही शक्ति की आराधना करने का है। मान्यता है कि जो लोग अष्टमी के दिन मां दुर्गा की पूजा करते हैं उनके भय का नाश हो जाता है।, मां महागौरी की पूजा अलौकिक सिद्धियों की प्राप्ति कराती है। देवी की पूजा करने से मनुष्य को समस्त सांसारिक और वैवाहिक सुख की प्राप्ति होती है। जीवन के कष्ट करने और अंभव कार्य को संभव बनाने के लिए देवी की पूजा बहुत पुण्यदायी मानी गई है।, शंख, चंद्र और कुंद के फूल की उपमा मां महागौरी से की गई है। मां के वस्त्र और सभी आभूषण सभी श्वेत रंग के हैं। इसलिए उन्हें श्वेताम्बरधरा भी कहा जाता है। देवी की सवारी सिंह और बैल दोनों ही हैं। देवी की चार भुजाएं हैं। उनका दाहिना हाथ अभय मुद्रा में और ठीक नीचे वाले हाथ में उन्होंने त्रिशूल धारण किया है। ऊपर वाले बांए हाथ में डमरू और नीचे वाले हाथ में वर मुद्रा में है। देवी का संपूर्ण स्वरूप शांत मुद्रा में है।, यज्ञ करने के बाद व्रतियोंं को कन्या रूपी देवी को भोजन कराना चाहिए। इसके बाद उसे उपहार देना चाहिए। कंजक पूजन के बाद देवी भगवती का अपने परिवार के साथ ध्यान करें। मां भगवती से सुख-समृद्धि की कामना करें। इसके बाद 'या देवी सर्वभूतेषु शांति रूपेण संस्थिता। नमस्‍तस्‍यै नमस्‍तस्‍यै नमस्‍तस्‍यै नमो नम:' का ग्‍यारह बार जाप करें।, लाल चुनरी, आम के पत्‍ते, लाल वस्त्र, मौली, श्रृंगार का सामान, दीपक, घी/ तेल, लंबी बत्ती के लिए रुई या बत्ती, धूप, अगरबत्ती, माचिस, चौकी, चौकी के लिए लाल कपड़ा, नारियल, दुर्गा सप्‍तशती किताब, कलश, साफ चावल, कुमकुम, फूल, फूलों का हार, चालीसा व आरती की किताब, देवी की प्रतिमा या फोटो, पान, सुपारी, लाल झंडा, लौंग, इलायची, बताशे या मिसरी, कपूर, उपले, फल-मिठाई, कलावा, मेवे की खरीदारी जरूर कर लें, दुर्गाष्टमी देवी दुर्गा की उपासना करने के सर्वश्रेष्ठ दिनों में से एक माना जाता है.

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